मध्य प्रदेश में राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अब ‘लव जिहाद’ के कानून को विधानसभा में भी पारित कर दिया गया, अब शिवराज के राज्य में भी लागु हुआ ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’.

शिवराज

उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य प्रदेश में भी लव जिहाद पर कानून लागु हो चूका है, CM योगी के बाद शिवराज सिंह चौहान ने भी मन बना लिया की राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए कानून बनाना है. दरअसल इस संदर्भ में 9 जनवरी 2021 को ही मध्य प्रदेश में कैबिनेट बैठक में धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश को पास कर राज्यपाल ने मंजूरी दे दी थी.

शिवराज के कानून को समझिये

CM शिवराज सिंह चौहान द्वारा पेश लव जिहाद की रोक थाम वाले कानून में कई कड़े दंड को सम्मलित किया गया है, इन प्रावधानों के तहत धर्म छिपाकर अथवा छल कपट करके इस अधिनियम का विरोध करने वाले व्यक्ति पर तीन वर्ष से 10 वर्ष तक का कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा है.

इस कानून के अंतर्गत सामूहिक धर्म परिवर्तन (दो या अधिक व्यक्ति का एक साथ) का प्रयास करने पर पांच से 10 वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है, इसके अतिरिक्त नाबालिग और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के मामले में दो से 10 वर्षों तक का कारावास और कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना लगाने का नियम लागु किया गया है.

शिवराज सिंह के राज्य में धर्म परिवर्तन की शर्त

इस अधिनियम लागु होने के बाद राज्य में यदि कोई अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तित करता है अथवा करवाने वाले धार्मिक व्यक्ति को धर्म परिवर्तन से 60 दिन पूर्व जिला दंडाधिकारी को इसकी सुचना देनी होगी, यदि वह इस शर्त का मान नहीं रखता तो उस पर कम से कम तीन वर्ष तथा अधिकतम पांच वर्ष के कारावास तथा कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

आपको बता दें की यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक बार इस कानून का उल्लंघन करता है तो उसे पांच से 10 वर्षों तक के कारावास भोगना पड़ेगा, इस अधिनियम के अनुसार धर्मांतरण के लिए बाध्य की गई पीड़िता अथवा उसके माता-पिता या भाई-बहन और अभिभावक शिकायत कर सकते हैं.

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