राजनाथ सिंह

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के जयसिंहपुर में गए हुए है। जहां संबोधित करने के दौरान लोगों द्वारा POK चाहिए POK के नारे लगने लगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के जयसिंहपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आज भी दावे के साथ कह सकता हूं। आज भी सीमा पर जरूरत होगी, अगर कही से भी कमी दिखाई देगी तो हमारे पूर्व सैनिक भी सीमाओंं पर आज भी जाने के लिए तैयार रहते है। ऐसे-ऐसे पूर्व सैनिकों को हमने देखा है। इसी बीच रैली में मौजूद लोग POK चाहिए POK का नारा लगाने लगते है, जिसपर पर राजनाथ सिंह पहले मुस्कुराते है और फिर लोगों के सवाल का जवाब देते हुए कहते है कि “धैर्य रखिए धैर्य।”

भारत से POK के अलग होने की कहानी

जम्मू कश्मीर के इस हिस्से को 1935 में ब्रिटेन ने गिलगित एजेंसी को 60 साल के लिए लीज पर दिया था, परंतु इस लीज को एक अगस्त 1947 को रद्द करके क्षेत्र को जम्मू कश्मीर के महाराजा हरि सिंह को लौटा दिया गया। जम्मू कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने विलय के लिए पाकिस्तान की जगह भारत को चुना। यह बात पाकिस्तान को हज़म नहीं हुई और उसने कश्मीर को अपने कब्जे में करने के लिए वहां हमला कर दिया था।

पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया था

जम्मू कश्मीर के महाराजा हरि सिंह को गिलगित-बाल्टिस्तान मिलने के बाद उनको स्थानीय कमांडर कर्नल मिर्जा हसन खान के विद्रोह का सामना करना पड़ा था। मिर्जा हसन खान ने 2 नवंबर 1947 को गिलगित-बाल्टिस्तान की आजादी का ऐलान कर दिया, परंतु इससे 2 दिन पहले यानी की 31अक्टूबर के दिन हरि सिंह ने जम्मू कश्मीर रियासत को भारत में विलय की मंजूरी दी थी। इसी के बाद से जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा बन गया था।

गौरतलब है कि इसके 21 दिन के पश्चात पाकिस्तान इस क्षेत्र में घुसा और उसने इस क्षेत्र पर अपना कब्जा हासिल कर लिया। कब्जे में गिलगित-बाल्टिस्तान के अलावा जम्मू का हिस्सा भी शामिल था। इस संपूर्ण भू-भाग को पाकिस्तान ‘आजाद कश्मीर’ कहने लगा जबकि भारत इसे ‘गुलाम कश्मीर’ मानता है, इसे सिर्फ ‘कश्मीर’ कहना ठीक नहीं है, क्योंकि इसमें जम्मू के भी हिस्से हैं।

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