तमिलनाडु

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बाद अब भाजपा ने तमिलनाडु में लव जिहाद की रोकथाम के लिए कानून बनाने की घोषणा कर दी है.

तमिलनाडु

भारत के दक्षिण में स्थित तमिलनाडु राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे जैसे नजदीक आती आ रही है, वैसे वैसे ही चुनावी रण में उतरे हुए सभी राजनीतिक दलों में जनता का विश्वाश जीतने की होड़ भी तेज हो गई है. बता दें राज्य में कुल 234 विधानसभा की सीटें हैं और इन सभी सीटों पर 6 अप्रैल को वोटिंग होने वाली है, चुनावी नतीजों की बात करें तो 2 मई को वोटों की गिनती के बाद जीतने वाली पार्टी का नाम भी सामने आ जाएगा.

तमिलनाडु में लव जिहाद पर रोक

भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले राज्य की जनता के लिए घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसमें पार्टी के नेताओं ने दावा किया की राज्य में ‘धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून बनाए जाएंगे’.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एल. मुरुगन ने मीडिया को जानकारी दी की “हमारा घोषणापत्र स्पष्ट है और जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून बनाए जाएंगे, पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता ने 2002 में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया था, लेकिन इसके खिलाफ कड़े विरोध के बाद उन्हें निरस्त करना पड़ा”.

इनके अलावा प्रदेश भाजपा प्रवक्ता आर.टी. राघवन ने भी मीडिया से बातचीत के दौरान कहा की “भाजपा अपनी विचारधारा से जुड़ी हुई है, हम पूरी तरह से जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ हैं और यह धार्मिक स्वतंत्रता से पूरी तरह अलग है, हम गोहत्या के खिलाफ हैं और हमने अपने घोषणापत्र में गौहत्या के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को शामिल किया है”.

तमिलनाडु से पहले भाजपा सरकार ने इन राज्यों कानून बनाए

वर्ष 2020 के नवंबर माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद के खिलाफ़ इस अभियान की शुरुआत करके अपने राज्य उत्तर प्रदेश में ‘धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश’ को लागु किया, जिसके बाद मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने राज्य में भी इस वर्ष की शुरुआत में ही ‘धर्म स्वातंत्र्य 2020 विधेयक’ लागु कर दिया.

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