प्रशासक समिति

बीते कुछ समय से लगातार सक्रिय धार्मिक संगठन प्रशासक समिति (रजि. एकात्मता एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी) ने एक बार फिर से भारत को कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते रविवार 29 मई 2022 को धार्मिक संगठन प्रशासक समिति (Prashasak Samiti) द्वारा भारत में बढ़ते कट्टरपंथ के विरुद्ध एक अभियान चलाया गया। इस अभियान का नाम ‘PFI Terror’ और इसको लेकर ट्विटर पर “#कट्टरपन्थी_जहर” हैशटैग भी चलाया गया। बता दें की यह हैशटैग लंबे समय तक ट्रेंड भी किया और लाखों लोगों ने इस पर अपनी सहमति व प्रतिक्रिया भी दी।

इस महाअभियान के विषय में प्रशासक समिति के मार्गदर्शक मंडली के वरिष्ठ सदस्य मनीष जी भारद्वाज ने हमारी टीम से खास बातचीत करते हुए खुलकर अपना पक्ष रखा, उन्होंने इसके उद्देश्य को लेकर कहा “इस अभियान का उद्देश्य हमारे देश में बढ़ते कट्टरपंथ के जहर को लेकर सम्पूर्ण देश वासियों व सरकारों को सचेत करना है। जो जहर आज के समय में छोटे-छोटे बच्चों से लेकर हर वर्ग के व्यक्ति तक में भरा जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा “हाल ही के दिनों में देखा होगा की कैसे पुलिस स्टेशन पर हमला हो जाता है, भीड़ इकट्ठी होकर लोगों की हत्या कर देती है। राम नवमी का जुलूस हो या कोई भी हिंदू यात्रा का जुलूस हो तो उन पर हमला हो जाता है और PFI की रैली में खासकर जो हुआ, वो सबसे देखा है, उसका वीडियो भी सबने देखा है। छोटे-छोटे बच्चों के दिमाग में इतना गंदा जहर भरा गया है की वो गैर मुस्लिम लोगों को खत्म करना चाहते हैं।”

प्रशासक समिति के मार्गदर्शक मंडली के वरिष्ठ सदस्य मनीष जी भारद्वाज ने बताया की हमें सरकार पर पूरा भरोसा है, वरना पहले भी सरकारें आईं थीं। आज का समय ऐसा है की लोकतान्त्रिक व्यवस्था लागू है, लोग बोलते हैं तो कुछ प्रतिशत उनकी बातों को आगे सुना जाता है। उन्होंने यह भी माना की कट्टरपंथी सोच सब की नहीं होती, बल्कि एक विषेस समुदाय में बहुत अधिक देखी जाती है जो सम्पूर्ण विश्व के लिए घातक है।

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