सुल्लतानपुर

लंभुआ से भाजपा MLA देवमणि द्विवेदी ने CM योगी को ‘सुल्लतानपुर’ का नाम बदलकर ‘कुशभवनपुर’ या फिर ‘कुशनगरी’ रखने के विषय में पत्र लिखा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय जनता के पार्टी के नेता और लंभुआ (यूपी) से विधायक देवमणि द्विवेदी ने मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विशेष पत्र लिखा है, इस पत्र में उन्होंने विदेशी हमलावरों के द्वारा बदले गए भारतीय प्राचीन नगरों के नाम को लेकर मुद्दा उठाया है. उन्होंने लिखा की “सुल्तानपुर वास्तव में कुशभवनपुर या कुशनगरी के नाम से जाना जाता था, सुल्तानपुर नाम उन्हें ‘गुलामी’ की याद दिलाता है”.

बता दें की उन्होंने इस पत्र के जरिए CM योगी से यह विनती करी है की वे ‘सुल्लतानपुर’ का नाम बदलकर ‘कुशभवनपुर’ या ‘कुशनगरी’ पुन: रख दें, बताया जाता है की इस शहर का पौरोणिक नाम यही था. BJP MLA ने यह पत्र 17 अगस्त को लिखा था. उन्होंने यह भी लिखा की “विदेशी आक्रांताओं द्वारा जबरन कुशभवनपुर का नाम बदलकर सुल्तानपुर कर दिया गया था. अत: जनभावना के दृष्टिगत इसका मूल नाम कुशभवनपुर वापस करने की घोषणा करें”. भाजपा विधायक के मुताबिक “अयोध्या से लगभग 60 किमी दूर सुल्तानपुर जिले को भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने बसाया था, जिसे पहले कुशभवनपुर नाम से जाना जाता था. माता सीता ने यहीं रुककर स्नान भी किया था, इसलिए इस घाट का नाम सीताकुण्ड घाट बोला जाता है”.

गौरतलब है की भारतीय जनता पार्टी के एक अन्य नेता और केराकत से विधायक दिनेश चौधरी ने CM योगी को एक पत्र लिख कर जौनपुर का नाम बदलकर उसके वास्तविक नाम जमदग्निपुरम रखा जाए. बता दें की इस नगर का नाम भगवान परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि जी के नाम पर था. दिनेश चौधरी के मुताबिक “जिले का पुराना नाम जमदग्निपुरम ही था, लेकिन 13वीं शताब्दी में मुगल आक्रान्ता मोहम्मद बिन तुगलक ने इसका नाम बदलकर अपने भाई जूना खान के नाम पर जौनपुर कर दिया था”. उन्होंने यह भी कहा की “राज्य में ब्राम्हण वोटों पर कब्जा जमाने के लिए विपक्ष राजनीति तो खूब कर रहा है, लेकिन ब्राम्हण शिरोमणि भगवान परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि के नाम पर सभी ने चुप्पी साध रखी है”.

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