वर्शिप एक्ट

सालों से 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का हवाला देने लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई शुक्रवार को करारा जवाब दिया। कोर्ट की बात हिंदू पक्ष के वकील ने बाहर आकर साझा की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जहां ‘शिवलिंग’ मिलने की बात कही गई है, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। साथ ही मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी थी। वहीं आज सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई करते हुए इसे वाराणसी जिला कोर्ट को भेज दिया है।

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम निर्देश दे सकते हैं कि निचली अदालत प्रतिवादी के आवेदन का निपटारा करे। तब तक हमारा अंतरिम आदेश जारी रहे और तीसरी बात हम यह कहना चाहते हैं कि मामले की जटिलता को देखते हुए इसे जिला जज को भेजा जाए। मुस्लिम पक्ष चाह रहा है कि सुप्रीम कोर्ट निचली अदालत के सारे फैसले खारिज कर दे।

आपको बताते चलें की सुनवाई के बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने मीडिया को कोर्ट के आदेशों के बारे में बताया और उन्होंने इस दौरान वह बात भी बताई जब कोर्ट ने 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट पर मुस्लिम पक्ष के वकील को करारा जवाब दिया। जब मुस्लिम पक्ष के वकील ने उस एक्ट का हवाला दिया तो कोर्ट ने कहा धार्मिक स्वरूप को भी तय करना जरूरी होता है। यह बात खुद वकील विष्णु जैन ने बताई है:-

गौरतलब है की हिंदू पक्ष के वकील अधिवक्ता विष्णु जैन ने बताया कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि मामले की सुनवाई जिला जज वाराणसी करेंगे। कोर्ट का कहना है कि शिवलिंग क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 17 मई का उसका अंतरिम आदेश जारी रहेगा। वुजू की व्यवस्था की जाएगी। हम आदेश से बहुत खुश हैं।

बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले को जिला न्यायाधीश वाराणसी को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के वरिष्ठ और अनुभवी न्यायिक अधिकारी मामले की सुनवाई करेंगे। इस बीच सुप्रीम कोर्ट का सर्वे के दौरान मस्जिद परिसर में मिले शिवलिंग की जगह की सुरक्षा करने का अंतरिम आदेश लागू रहेगा।

मस्जिद कमेटी के वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा शुरू से ही पारित सभी आदेश बड़ी सार्वजनिक शरारत करने में सक्षम हैं। सुप्रीम कोर्ट वाराणसी जिला अदालत के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण का निर्देश दिया था।

इसे भी जरूर ही पढ़िए:-

अखिलेश ने हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया तो भाजपा ने दिया मुंह तोड़ जवाब, बताई मूर्ति स्थापना की

%d bloggers like this: