प्रेस कॉन्फ्रेंस

बिहार और तेलंगाना के सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सी पर बैठने को लेकर खूब ड्रामा हुआ। वहीं भाजपा ने कहा, “नीतीश को केसीआर PFI युक्त तथा हिंदू मुक्त बिहार की सिख देने आए थे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार में एनडीए से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। वो खुद को विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने की कोशिशों में लगे हुए हैं, लेकिन लगता विपक्ष को एकजुट कर एक मत बनाने की उनकी कोशिशें परवान नहीं चढ़ रही हैं। देखें ये वीडियो:-

दरअसल, बिहार के दौरे पर आए तेलंगाना के सीएम केसीआर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीतीश ने भरसक अपने मन की बात कहलवाने की कोशिश की। हालाँकि, ऐसा हुआ नहीं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर बिहार के दौरे पर आए हैं। इसी कड़ी में 31 अगस्त को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीतीश कुमार केसीआर को पत्रकारों के सवालों का जबाव देने से मना करने की कोशिशें कर रहे थे। अपनी कुर्सी छोड़ चुके नीतीश कुमार का कभी हाथ तो कभी कुर्ता पकड़कर केसीआर नीतीश कुमार को बैठने के लिए कहते रहे।

क्या है पूरा मामला

आपको बताते चलें कि एक पत्रकार ने नीतीश कुमार से 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए पूछ लिया कि आखिर आगामी चुनावों में राहुल गाँधी का क्या रोल रहेगा? क्या वो विपक्ष के उम्मीदवार रहेंगे? इस सवाल को सुनते ही नीतीश कुमार असहज हो उठे और अपनी कुर्सी छोड़कर वो खड़े हो गए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वो ऐसा सवाल क्यों पूछ रहे हैं? इतना ही नहीं जैसे ही केसीआर इन सवालों के जबाव देने लगे तो नीतीश कुमार ने उन्हें भी रोकने की कोशिश की।

वो केसीआर से कहने लगे, “उठिए, चलिए ना। इनके चक्कर में काहे पड़े हैं।” वहीं केसीआर ने उन्हें कुर्सी पर बैठाने की कोशिश की। इस पॉलिटिकल ड्रामेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने नीतीश का हाथ पकड़कर कहा, ‘भैया-भैया सुनिए न प्लीज, बैठ जाइए’। जबकि नीतीश ने पत्रकारों को कहा कि इनके चक्कर में मत पड़िए 50 मिनट तो दे दिए हैं।

गौरतलब है कि देश में भाजपा का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और तेलंगाना भी उन्हीं राज्यों में से एक है। ऐसे में केसीआर राव ममता बनर्जी की तरह ही एक बार फिर से विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। लेकिन विपक्ष में हर पार्टी के अपने हित हैं और हर नेता पीएम के सपने देख रहा है। वहीं भाजपा ने भी इस मीटिंग को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है।

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Union Minister Giriraj Singh) ने कहा, “केसीआर बिहार में नीतीश कुमार को सिखाने आए थे कि मैं तेलंगाना और हैदराबाद में सर तन से जुदा करने का आंदोलन करवा रहा हूं, आप भी पीएफआई युक्त बिहार और हिंदू मुक्त बिहार और भारत का अभियान छेड़िये। यही विपक्ष की एकता का मंच है।”

उन्होंने आगे कहा, “तुष्टिकरण की राजनीति करना और हिंदू मुक्त भारत का अभियान नीतीश कुमार को सिखाने आए थे केसीआर। विपक्ष में लुकाछिपी का खेल चल रहा है। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार केसीआर होंगे या नीतीश कुमार, या फिर ममता बनर्जी कि राहुल गांधी? नीतीश कुमार समझते हैं कि केसीआर के मन में क्या चल रहा है?”

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