रक्षाबंधन

हिंदू त्योहारों को अपमानित करने के ट्रेंड में लिबरल गैंग ने एक बार फिर से आगे निकल गया है, सोशल मीडिया पर लोगों के आए आपत्तिजनक ट्विट्स.

आधुनिकता के नाम पर कुछ लोगों को मानों एक ऐसा कार्ड हाथ लग गया, जिसे वे जब भी कोई हिंदुओं का त्यौहार आता है तो वे लोग सवाइप कर लेते हैं. हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए इन लिबरल लोगों ने रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्यौहार को निशाना बनाया है. भाई और बहन के प्यार को एक सुनेहरा और यादगार बनाता है रक्षाबंधन. इस दिन हर बहन अपने भाई की कलाई पर एक रक्षा का सूत बंधती है और वो भाई बहन की रक्षा का वादा उससे करता है.

यूं तो भारत में रक्षाबन्धन बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है. लेकिन इसी देश में कुछ ऐसे बुद्धिजीवी भी बैठे हैं जिन्हें इस पवित्र त्यौहार का भी अपमान करने में मजा आता है. हाल ही श्रावणी पूर्णिमा यानि की रक्षाबन्धन के दिन कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करी. जिनमें से @Sahas_1015 नाम के एक ट्विटर यूजर ने इस त्यौहार को भेदभाव वाला बताते हुए एक सीरिज चलाया और देखते ही देखते कई अन्य लोगों ने भी अपने अजीबों गरीब दिमाग का प्रदर्शन किया.

ऑपइंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सोनाली नामक एक यूजर लिखती है की “क्यों राखी भाई की कलाई पर ही बाँधी जाती है? क्यों भाई ही बहन की रक्षा करेगा? वो अपनी रक्षा खुद क्यों नहीं कर सकती? इसलिए उसने इस बार खुद को राखी बाँधने का फैसला किया”. नताशा नाम की एक यूजर ने लिखा की “आज बहनें अपनी सुरक्षा की आशा के साथ भाइयों को धागा बाँधने का जश्न मना रही हैं #रक्षा, वही भाई जो अपनी बहनों और महिलाओं को सामान्य रूप से गाली देते हैं और अपने ‘मर्दाना कर्तव्यों’ को करने के लिए उनकी पीठ थपथपाते हैं”. इनके अलवा कुछ ओर लोगों ने तो इसे बेतुका बताया.

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