तीरथ सिंह

मार्च 2021 में उत्तराखंड के CM बने भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत ने अपने मुख्य मंत्री पद से बिना किसी सियासी बवाल के इस्तीफ़ा दे दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तराखंड एक बार फिर मुख्यमंत्री हिन हो चूका है, वहां के वर्तमान CM तीरथ सिंह रावत ने 2 जुलाई 2021, शुक्रवार की देर रात राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलकर अपना इस्तीफ़ा उन्हें सौंप दिया. बताया जा रहा है की अचानक दिए गए इस इस्तीफे की वजह संवैधानिक संकट हैं. जानकारियां यह भी आ रही है की इस शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने विधायक दल की बैठन का आवाहन किया है, आशा है की इस मीटिंग वे अपना नया नेता चुन लेवें.

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इससे पहले ही तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को ही दिल्ली पहुंच कर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकत करी और फिर वापस देहरादून लोटकर एक प्रेस कोंफ्रेंस कर उन्होंने अपने काम काज को संक्षेप में गिनाए, लेकिन इस कोंफ्रेंस में उन्होंने इस्तीफे का जिक्र नहीं किया. बाद में देर रात उन्होंने राजभवन में राज्यपाल से भेंट कर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. बता दने की संवैधानिक नियमों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के लिए मंत्री पद ग्रहण करने के छह महीने के भीतर सदन का सदस्य चुना जाना अनिवार्य है, वर्तमान में रावत राज्य के किसी भी सदन के नेता नहीं हैं.

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इसी नियम को आधार बनाते हुए तीरथ सिंह रावत ने जेपी नड्डा से भेंट में इस्तीफे की पेशकश दी थी. उन्होंने अपने पत्र में लिखा की “आर्टिकल 164-ए के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद 6 महीने के अंदर विधानसभा का सदस्य बनना था. लेकिन आर्टिकल 151 कहता है कि अगर विधानसभा चुनाव में एक साल से कम का समय बचता है तो वहाँ उपचुनाव नहीं कराए जा सकते हैं. उतराखंड में संवैधानिक संकट न खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहता हूँ”. बता दें की तीरथ सिंह रावत पौड़ी से सांसद हैं और इसी वर्ष 10 मार्च को ही तीरथ सिंह रावत ने CM पद की शपत ली थी.

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