नंदीग्राम

पश्चिम बंगाल में 2 मई को आए चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम के परिणाम में गड़बड़ी का हवाला देते हुए अदालत जा पहुंची.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोलकता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. टीएमसी सुप्रीमो ने शुक्रवार 18 जून 2021 को याचिका पर सुनवाई करने वाले जज पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें भाजपा का सदस्य बताया था, ममता बनर्जी ने कोलकता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को एक पत्र लिखकर अपनी याचिका जस्टिस कौशिक चंदा के अलावा किसी दूसरी पीठ को सौंपने का अनुरोध किया है, इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह गुरुवार 24 जून 2021 को तय की गई हैं.

जानकारियों के हवाले से बताया जा रहा है की CM ममता बनर्जी के वकील संजय बासु ने बयान दिया की “मेरी मुवक्किल को न्यायिक प्रणाली और न्यायालय पर बहुत विश्वास है, जबकि  माननीय न्यायाधीश की ओर से पूर्वाग्रह की आशंका है. याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस कौशिक चंदा भाजपा के सक्रिय सदस्य रह चुके हैं. ऐसे में चुनाव याचिका पर फैसले के राजनीतिक निहितार्थ होंगे. यदि न्यायाधीश के समक्ष चुनाव याचिका पर सुनवाई होती है, तो मेरे मुवक्किल के मन में प्रतिवादी के पक्ष में और उसके खिलाफ न्यायाधीश की ओर से पूर्वाग्रह की संभावना है”.

मुख्य मंत्री के वकील संजय बासु ने पत्र में यह भी लिखा की “जस्टिस कौशिक चंदा की कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पुष्टि की जानी अभी बाकी है. मेरे मुवक्किल को लगता है कि न्यायाधीश को इन आपत्तियों के बारे में पता है और इसलिए इस तरह न्यायाधीश की ओर से पूर्वाग्रह की आशंका है. न्यायपालिका में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए इस मामले को किसी दूसरी पीठ को सौंप दिया जाना चाहिए. ताकि ऐसा न लगे कि जस्टिस कौशिक चंदा अपने ही मामले में न्यायाधीश के रूप में फैसला सुनाएँगे”.

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