आंध्रप्रदेश के विजयनगरम जिले के नेल्लीमरला मंडल में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने भगवान राम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया, राज्य में सत्ताधारी कोंग्रेस सरकार पर विपक्ष ने उठाए सवाल.

आंध्रप्रदेश सरकार

ये निंदनीय घटना विजयनगरम के एक गांव के पास की पहाड़ी पर स्थित राम मंदिर की है, इस मंदिर में विराजमान 400 वर्ष पुरानी भगवान श्री राम की मूर्ति को किसी अज्ञात उपद्रवियों ने 28 दिसंबर की रात में भंग कर दिया. जिसकी जानकारी तब लोगों को पड़ी जब मंदिर के पुजारी मंगलवार को नियमित पूजा हेतु मंदिर पहुंचे तब उन्होंने देखा की राम लला की मूर्ति का शीश कटा हुआ है.

पुलिस ने की ये कारवाई

भगवान श्री राम की मूर्ति को टुटा हुआ देखकर पुजारी ने तत्काल पुलिस को सूचित किया जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करने लग गई, शुरू में पुलिस ने दोषियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया है.

मीडिया से बात करते समय जिला पुलिस अधीक्षक राजा कुमारी ने मामले की जानकारी देते हुए कहा की “उपद्रवियों ने सोमवार को मंदिर बंद होने के बाद इस घटना को अंजाम दिया, हमें इसकी जानकारी मंगलवार को मिली. अब तक दोषियों की कोई पहचान नहीं हुई है लेकिन जल्द से जल्द हमारी टीम सभी उपद्रवियों को पकड़ लेगी.

आंध्रप्रदेश की कोंग्रेस सरकार पर उठे सवाल

इस निंदनीय घटना की खबर सामने आते आंध्रप्रदेश की कोंग्रेस सरकार में विपक्ष के सभी नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील सुनील देवधर ने जगनमोहन रेड्डी सरकार को निशाना बनाते हुए कहा की “राज्य में आए दिन हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमले 16वीं सदी गोवा में क्रूर सेंट जेवियर के आक्रमणों की याद दिला रहा है”.

बीजेपी नेता के अलावा जनसेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण ने इस मामले पर कहा की “एक तरफ़ तो अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है और दूसरी तरफ़ आंध्र प्रदेश में प्रभु राम की मूर्तियों को खंडित किया जा रहा है.

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By Sachin

2 thoughts on “उपद्रवियों ने तोड़ी भगवान राम की 400वर्ष पुरानी मूर्ति, आंध्रप्रदेश सरकार पर उठे सवाल”
  1. Attack on the RAM Temple in Andhra Pradesh is reprehensible and should be stopped. The culprits should be punished with the severest punishment.

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