वेनेश्वर महादेव मंदिर

सोमनाथ प्रभास पाटन क्षेत्र में स्थित भगवान शिव को समर्पित वेनेश्वर महादेव मंदिर उन की ही एक अनन्या भक्त वेनी के नाम के नाम पर हैं.

गुजरात में स्थित सोमनाथ सनातन धर्म का वो सत्य है, जिसे कोई झुकला नहीं सकता है. क्योंकि सोमनाथ में महादेव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम माने जाने वाले सोमनाथ ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं. परन्तु के सोमनाथ मंदिर के अलावा भी इस क्षेत्र में कई ऐसे मंदिर भी स्थापित हैं, जो अद्भुत रहस्यों वाले हैं. जिनमें से एक है वेनेश्वर महादेव मंदिर. वेनेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग ने भगवान शिव के चमत्कार से उनकी अनन्या भक्त वेनी को गजनवी से बचाने के लिए खुद में समा लिया था.

ऑपइंडिया की विशेष रिपोर्ट के अनुसार सन् 1025 का समय में महमूद गजनवी सोमनाथ को लूटने के इरादे से भारत आया हुआ था, सोमनाथ के वैभव के कारण ही यह क्षेत्र अक्सर इस्लामिक आक्रान्ताओं के निशाने पर रहा. जब महमूद गजनवी सोमनाथ को लूटने के लिए आगे बढ़ा तो उसे सोमनाथ के स्थानीय राजपूत शासक से कड़ी टक्कर मिली, राजपूत शासक किसी भी हालत में समर्पण करने को तैयार नहीं थे और सोमनाथ की सुरक्षा में जुटे शासक के साहस के आगे महमूद गजनवी बेबस नजर आ रहा था, उसे सोमनाथ को लूटने का अपना स्वप्न भी अधूरा लगने लगा.

ऐसे में गजनवी अपनी घटिया हरकतों से बाज न आते हुए राजा को समर्पण के लिए मजबूर करने के लिए एक नीच योजना बनाई, जिसमें वो राजा की पुत्री राजकुमारी वेनी का अपहरण कर राजा को समर्पण के लिए विवश करना चाहता था. इसी कहानी से जुड़े तथ्य केएम मुंशी के एक उपन्यास में मिलते हैं. बताया जाता है की जब गजनवी की मौज राजकुमारी का अपहरण करने पहुंची तब वे वर्तमान वेनेश्वर महादेव मंदिर वाले शिवलिंग की पूजा कर रही थी और उन्होंने भगवान शिव से स्वयं की रक्षा की प्रार्थना करी, बाद में महादेव के चमत्कार से राजकुमारी वनी को शिवलिंग ने अपने अंदर समा लिया.

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By Sachin

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