विदिशा विजय मंदिर

MP में स्थित विदिशा विजय मंदिर के ही डिजाईन के समान ही बनने जा रहा है भारत का नया संसद भवन, औरंगजेब के तुड़वाने के बाद भी आज तक अस्तिव में.

भारतीय इतिहास में आंकड़ों की माने तो लगभग 60 हजार हिंदू मंदिरों को विदेशी इस्लामिक आक्रांताओं के द्वारा नष्ट किया गया है. ऐसे ही एक मंदिर के बारे में आप और हम जानने वाले हैं, इस मंदिर का नाम है विदिशा विजय मंदिर. भगवान सूर्य को समर्पित यह मंदिर मध्य प्रदेश के विदिशा में स्थापित हैं, विदिशा भोपाल से मात्र 60 किलोमीटर की दुरी पर स्थित हैं. प्राचीन समय में यह मंदिर भारत के विशालतम मंदिरों में भी शुमार हुआ करता था, लेकिन आज केवल पर्यटन स्थल बन कर रह गया.

ऑपइंडिया की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक विदिशा विजय मंदिर का निर्माण चालुक्य राजाओं ने अपनी शौर्यपूर्ण विजय को अमर बनाने के लिए करवाया था. बताया जाता है की चालुक्य वंशी राजा स्वयं को सूर्यवंशी मानते थे, ऐसे में उन्होंने यह विशाल मंदिर सूर्य भगवान को समर्पित किया. मंदिर के निर्माण का श्रेय चालुक्यवंशी राजा कृष्ण के प्रधानमंत्री वाचस्पति को जाता है. बाद में मंदिर पर समय – समय पर विदेशी हमलावरों द्वारा हमले होते रहे, लेकिन वे लोग भी इसे पूरी तरह ध्वस्त करने में नाकाम रहे.

एक विशेष समाचार संस्था की माने तो विदिशा विजय मंदिर की बनावट के समान ही नय संसद भवन का निर्माण करवाया जा रहा है. याद दिला दें की भारत में नय संसद भवन का शिलान्यास पिछले वर्ष 10 दिसम्बर को किया और वर्तमान में इसका निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है. बता दें की देश के महत्वाकांक्षी सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत अब नई संसद का निर्माण प्रस्तावित है. दोनों की ही आकृति त्रिभुजाकार है और इस्लामी आक्रमण से पहले विजय मंदिर की ऊँचाई भी लगभग 100 मीटर थी, ऐसे में दोनों संरचनाओं में अद्भुत मेल है.

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