विश्व हिंदू परिषद

विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर विश्व हिंदू परिषद यानि VHP ने बड़ा ही हैरान कर देने वाला खुलासा किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विश्व हिंदू परिषद ने 14 मई गुरुवार को प्रेस में एक बयान जारी किया और इसमें उन्होंने दावा किया की इस हिंसा से बंगाल के 3500 से ज्यादा गाँव प्रभावित हुए हैं, 40 हजार से अधिक हिंदू पीड़ित हैं, इनमें बड़ी संख्या अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की है.

VHP के केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने न्यायपालिका और हिंदू समाज से इसका संज्ञान लेने का आह्वान किया है, उन्होंने यह भी दावा किया की “हिंसा के दौरान बंगाल में कई जगह महिलाओं पर बर्बर अत्याचार हुआ, खेतों, दुकानों और घरों को नष्ट कर दिया गया, लूट और मारपीट नहीं करने के एवज में उनसे जबरन पैसा वसूला जा रहा, मछली व्यवसाइयों के तालाबों में जहर डाल दिया गया, संगठन ने दावा किया है कि इन सभी अत्याचारों में मुख्य रूप से कट्टरपंथी इस्लामिक जिहादियों के शामिल होने की बात सामने आई है”.

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने बताया की कई जगहों पर हिंदुओं से उनके आधार, वोटर और राशन कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए गए, पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाते हुए इनके नुकसान की भरपाई तथा पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करने की माँग की है, साथ ही हिंसा के पीड़ितों पर किए गए झूठे मुकदमे निरस्त करने और छीने गए दस्तावेज दोबारा उपलब्ध करने की माँग रखी है, पीड़ितों की मदद के लिए हिंदू समाज से भी आगे आने की अपील की है.

इससे पहले भी विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा की “पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद से सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं एवं जिहादियों ने जिस प्रकार हिंसा का तांडव चला रखा है, उससे पूरा देश चिंतित है, पश्चिमी बंगाल के न्यायप्रिय नागरिकों को दंगाइयों के हाथों में सौंप दिया गया है, यह सब मुस्लिम लीग के डायरेक्ट एक्शन’ की याद दिलाता है”.

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By Sachin

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