राम मंदिर

अयोध्या में बनने जा रहे भगवान श्रीराम के भव्य राम मंदिर के लिए 155 देशों का जल आया गया, यह जल मंदिर के पवित्र गर्भगृह पर अभिषेक किया जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के नेता और दिल्ली स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष विजय जॉली 115 देशों का जल लेकर स्वदेश लौटे हैं. अब इस जल को विधिविधान से पूजा अर्चना के बाद ही अयोध्या भेजा जाएगा, जहां भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में इस पवित्र जल का अभिषेक किया जाएगा. ऐसा करके भारत के संसार को एक बार वसुधैव कुटुम्बकम (यानि की पूरी धरती ही मेरा परिवार है) इस सोच का दुर्लभ परिचय दिया है. बता दें की श्री राम मंदिर की नींव का कार्य संपन्न हो चूका है.

इस शुभ वेला के बिच देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की भारतीय संस्कृति और प्राचीन परंपराओं के अनुसार हमारे ऋषियों ने संपूर्ण धरा को अपना घर माना था और ऐसा करके हमने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का परिचय दिया है. उन्होंने आगे यह भी कहा “भारतीयों ने कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ. यह भारतीयों के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण है. भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो जाति, पंथ और धर्म के आधार पर किसी से भी भेदभाव नहीं करता है”. राजनाथ सिंह ने तो इस महाजलाभिषेक के पर्व को एक अभिनव सोच बताते हुए इसे सभी भारतियों के लिए गर्व का विषय है कहा.

155 देशों में से प्रमुख ऑस्ट्रेलिया अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, कनाडा, चीन, कंबोडिया, क्यूबा, उत्तरी कोरिया, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, गुयाना, हांगकांग, इटली, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इजराइल, आइसलैंड, भारत, जापान, केन्या, लाइबेरिया, मलेशिया, मकाऊ, मॉरीशस, मोंटेनेग्रो, म्यांमार, मंगोलिया, मोरक्को, मालदीव, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, नेपाल नॉर्वे, ओमान, पाकिस्तान, पपुआ न्यू गिनी, रूस, रोमानिया, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, सऊदी अरब, सूरीनाम, दक्षिण अफ्रीका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, तिब्बत, ताइवान, त्रिनिदाद और टोबैगो, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, युगांडा, वियतनाम और जिम्बाब्वे से भी जल भारत लाया गया है.

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By Sachin

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