गुलाम नबी आजाद

हाल ही में कॉंग्रेस को ‘टाटा गुड बाय’ कहने वाले जम्मू और कश्मीर के नेता गुलाम नबी आजाद ने अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ी बात कह दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र से विदाई होने के बाद पूर्व कॉन्ग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने एक बार फिर से राजनीति के लिए जमीनें तलाशनी शुरू कर दी हैं। जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले गुलाम नबी ने घाटी से इसकी शुरुआत करते हुए स्पष्ट कहा है कि अब कॉन्ग्रेस तो क्या कोई भी पार्टी अनुच्छेद 370 को वापस लागू नहीं कर सकती। इसके साथ ही उन्होंने 10 दिन के अंदर अपनी अलग पार्टी का एलान भी कर दिया है।

कॉन्ग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुए वो कहते हैं ये लोग 370 तो वापस लागू करने के खोखले वादे करते हैं। उन्होंने नंबर गेम समझाते हुए कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं अनुच्छेद 370 के बारे में बात नहीं करता हूँ। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि आजाद चुनावी फायदे के लिए लोगों को बेवकूफ नहीं बनाते हैं। अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए लोकसभा में लगभग 350 वोटों की आवश्यकता होगी, जबकि राज्यसभा में 175 वोटों की आवश्यकता होगी। यह एक संख्या है जो किसी भी राजनीतिक दल के पास नहीं है या कभी भी मिलने की संभावना नहीं है।”

गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर के बारामुला सेक्टर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ये बयान दिए। उन्होंने दो टूक कहा,“आजाद जानते हैं कि क्या-क्या किया जा सकता है और क्या-क्या नहीं। मैं या कॉन्ग्रेस पार्टी या तीन क्षेत्रीय दल आपको अनुच्छेद 370 वापस नहीं दे सकते न ही ममता बनर्जी, न ही डीएमके और न ही शरद पवार।”

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को हिंदुस्तान से अलग करने वाले अनुच्छेद को 5 अगस्त 2019 में मोदी सरकार ने लोकसभा में बिल लाकर समाप्त कर दिया था। इसको लेकर उस वक्त कॉन्ग्रेस के राज्यसभा के सांसद रहे गुलाम नबीं आजाद ने भी कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि अगर कॉन्ग्रेस सत्ता में आती है तो वो दोबारा से इसे लागू करेंगें। हालाँकि ऐसा हुआ नहीं।

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