गजवा-ए-हिंद

भारत को सदियों से सोने की चिड़िया वाला देश कहा जाता रहा है और इस देश पर विदेशी लुटेरों की बुरी नजर हमेशा से रही है, लेकिन आज हम आपको इस लेख में गजवा-ए-हिंद के बारे में बताएंगे।

जी न्यूज की खास रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी आतंकी संगठन अल-कायदा (al Qaeda) ने हाल ही में दिल्ली, मुम्बई, गुजरात और उत्तर प्रदेश में आत्मघाती हमले करने की धमकी दी थी और कहा था कि वो पैगम्बर मोहम्मद साहब के अपमान का बदला जरूर लेगा। इसके अलावा अल कायदा ने भारत के मुसलमानों को भी भड़काने की खूब कोशिश भी की थीं।

अल कायदा द्वारा भारतीय मुसलमानों से कहा गया की उन्हें ये बात भूलनी नहीं चाहिए कि पैगम्बर मोहम्मद साहब ने पहले से बता दिया था कि एक दिन गजवा ए हिन्द होगा और इसमें मुसलमानों की जीत होगी। वहीं दुनियाभर के आतंकवादी संगठन जब भी भारत के खिलाफ जेहाद की बात करते हैं तो गजवा-ए-हिंद का जिक्र जरूर आता है। इसलिए आज आपको ये समझना चाहिए कि गजवा-ए-हिंद है क्या?

आपको बताते चलें की इस्लाम धर्म में जब गजवा शब्द का प्रयोग किया जाता है तो इसका मतलब होता है युद्ध और हिन्द का मतलब हिन्दुस्तान से है। यानी गजवा-ए-हिन्द (Ghazwa-e-Hind) का मतलब हुआ, हिन्दुस्तान के खिलाफ युद्ध। इस्लामिक कट्टरपंथी ताकतें मानती हैं कि पूरी दुनिया में इस्लाम का विस्तार तभी होगा, जब गजवा-ए-हिन्द होगा। इस वीडियो के जरिए गजवा-ए-हिन्द के बारे में लिखे हदीस को हिंदी में समझें:-

वहीं इसका सीधा मतलब ये भी निकलता है की जिस दिन भारत से सारे हिन्दू समाप्त हो जाएंगे और भारत एक इस्लामिक राष्ट्र बन जाएगा, उस दिन गजवा-ए-हिन्द को सफल माना जाएगा और ये बातें हम अपनी तरफ से नहीं कह रहे। बता दें की गजवा-ए-हिन्द का उल्लेख चार हदीसों में किया गया है। इस्लाम धर्म में कुरान के बाद हदीस को सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ माना गया है।

बताया जा रहा है की पैगम्बर मोहम्मद साहब ने अपना जीवन कैसे व्यतीत किया और उनके वैचारिक सिद्धांत क्या थे। कुल चार हदीस ऐसी हैं, जिनमें गजवा-ए-हिन्द का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया गया है। इनमें एक हदीस में पैगम्बर मोहम्मद साहब के सहाबी यानी सहयोगी हजरत अबू हुरैरा कहते हैं कि इस उम्मत में सिंध और हिन्द की तरफ एक लश्कर रवाना होगा। यहां उम्मत का अर्थ, किसी मुस्लिम राष्ट्र या मुस्लिम समुदाय से है।

बता दें की इसी हदीस में आगे हजरत अबू हुरैरा ये कहते हैं कि अगर मुझे इस गजवा यानी युद्ध में शामिल होने का मौका मिला तो मैं शहीद कहलाऊंगा और अगर बच गया तो वो अबू हुरैरा बन जाऊंगा, जिसे अल्लाह ने जहन्नुम की आग से आजाद कर दिया होगा। इसी से मिलती जुलती एक और हदीस में ये लिखा है कि तुम्हारा एक लश्कर हिन्द से जंग करेगा और मुजाहिदीन वहां के बादशाह को बेड़ियों में जकड़कर लाएंगे और फिर जब वो वापस पलटेंगे तो हजरत ईसा को स्याम में पाएंगे। यहां स्याम का अर्थ मौजूदा सीरिया देश है।

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