येशु

महाराष्ट्र के बारामती इलाके में एक येशु के दरबार मूर्ति पूजा को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं से एक और राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार के इलाके बारामती में एक प्रार्थना सभा के नाम पर ‘यीशु का दरबार’ लगाया गया था। इस कार्यक्रम में ईसाई प्रचारक वहाँ बैठे लोगों से ईसाई धर्म से जुड़ने की विनती करते हैं। हालाँकि, मीडिया संस्थान ऑपइंडिया की दखल के बाद इस कार्यक्रम का आयोजन तीसरे दिन तो नहीं हो सका। देखिए कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो:-

कार्यक्रम का आयोजन एक स्थानीय पादरी सुनील जाधव ने किया था। जाधव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “ईसाई धर्म में विश्वास करो। यीशु के अस्तित्व में विश्वास करो। अगर आप अभी बदलते हैं तो ही आप देश भर में कई लोगों को बदल पाएँगे। आप नहीं जानते लेकिन ऐसा हो सकता है कि हम ‘भारत जोड़ो’ जैसी यात्रा में शामिल हो जाएँ और देश भर में रहने वाले लोगों को ईसाई धर्म के बारे में विश्वास दिला सकें।”

आपको बताते चलें कि इस कार्यक्रम में मौजूद सिस्टर मर्सी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे सभी लोग जो इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभु द्वारा चुना गया है और जो नहीं आए, वह प्रभु की इच्छा से नहीं आए हैं। कई गरीब हिन्दू महिलाओं (साड़ी, बिंदी और सिंदूर पहने हुए) को इस कार्यक्रम में देखा जा सकता था। मीडिया संस्थान ऑपइंडिया ने इस कार्यक्रम का वीडियो भी बना लिया था।

वहीं इस कार्यक्रम में मौजूद ईसाई महिलाओं ने अन्य महिलाओं को ईसाई मजहब अपनाने का प्रलोभन दिया। वहाँ मौजूद एक महिला ने कहा, “ईश्वर अदृश्य है। हमें उसे महसूस करना चाहिए। पत्थरों (मूर्तियों) की पूजा नहीं करना चाहिए, जैसे हिंदू करते हैं। वह पत्थर क्या समझेगा? हम मनुष्य पापों से घिरे हुए हैं। अपनी आने वाली पीढ़ियों को पापों से मुक्त करने के लिए, हमें यीशु की पूजा करनी चाहिए।”

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