योगी

हाल ही में अलका लांबा ने कहा था की UP के सीएम योगी आदित्यनाथ कुम्भ मेले में कोरोना संक्रमित हुए हैं, पड़ताल में ये दावा झूठा साबित हुआ.

देश भर में तेजी से फ़ैल रही कोरोना महामारी के बिच फेक न्यूज़ भी तेजी से कोरोना के समान ही सोशल मीडिया पर फ़ैल रही है और इसे फ़ैलाने का काम कर रही हैं अलका लांबा और प्रियंका गांधी वाड्रा, इन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को सोशल मीडिया पर झूठी खबरों को वायरल किया है.

योगी आदित्यनाथ पर वायरल झूठी खबर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कोंग्रेस की विधायक अलका लांबा मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के एक तस्वीर शेयर की, इस तस्वीर में CM कुछ साधुओं के साथ नदी में स्नान करते हुए दिख रहे हैं. अलका ने तबलीगी जमात की कुम्भ से तुलना करते हुए लिखा की “योगी आदित्यनाथ कोरोना पॉजिटिव हुए, ये कौन सी जमात में जाकर आए थे? पूछता है भारत”.

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बता दें की अलका लांबा जिस तस्वीर को अभी की बता रही हैं, दरअसल में वह तस्वीर 2019 की हैं. फरवरी 2019 में आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रयागराज संगम में लगे कुम्भ मेले में दुबकी लगाई थी. इससे ये स्पष्ट हो जाता है की यह तस्वीर भारत में कोरोना के आने से 1 वर्ष पूर्व की हैं और कोंग्रेस इस महामारी के कठिन दौर में भी झूठ फ़ैलाने का काम कर रही है.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी योगी पर झूठ फैलाया

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी झूठ फ़ैलाने का काम किया, उन्होंने ट्विट करके लिखा की “कई जगहों से सूचना आ रही है कि कई गंभीर मरीजों को CMO के पत्र के बिना एडमिट नहीं किया जा रहा। मुख्यमंत्रीजी CMO के पत्र के इंतजार में लोगों की जानें जा रही हैं, कृपया ये नियम बंद कराएँ, लोगों की जान बचाएँ. ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे कि गंभीर मरीजों का अस्पताल में एडमिशन आसान हो सके”.

पड़ताल में ये दावा भी झूठा साबित हुआ, बता दें की प्रियंका के इस झूठ से 4 दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के ‘सूचना एवं जनसंपर्क विभाग’ ने इस दावे को झूठा करार दे दिया था. ट्विट के माध्यम से जानकारी शेयर की गई की “कोरोना संक्रमित मरीज को इंटीग्रेटेड कोविड एंड कमांड कंट्रोल रूम की मदद से एम्बुलेंस से लेकर टेस्ट और अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था की जाती है, ऐसा कोई नियम ही नहीं है कि कोविड-19 पॉजिटिव मरीज को भर्ती होने के लिए सम्बंधित जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर यानि CMO से अनुमति पत्र लेना होगा”.

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By Sachin

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